सुकन्‍या समृद्धि योजना और एलआईसी कन्‍यादान पॉलिसी में क्या अंतर है

सुकन्‍या समृद्धि योजना और एलआईसी कन्‍यादान पॉलिसी में क्या अंतर है?

सुकन्‍या समृद्धि योजना

सरकार के द्वारा लाई गए इन स्‍कीमों का मकसद बच्चो की पढ़ाई और बचत करना है जिससे की भविस्य की जरूरतों को पूरा हो सके इन योजनाओ में आप अपनी इनकम के हिसाब से ले सकते है ये योजनाए सभी के लिए फायदेमंद हैं.सुकन्‍या समृद्धि योजना और एलआईसी कन्‍यादान पॉलिसी दोनों काफी लोकप्रिय स्‍कीमें हैं. इन योजनाओ का मकसद बचत और बीमा दोनों होता है इन योजनाओ में निवेश करके आप अपने परिवार के लिए एक इनकम और पूंजी दोनों ही दे सकते हो आइये जानते है की इन दोनों योजनाओ में निवेश करने से पहले दोनों में अंतर समझना जरुरी है

1.पहला अंतर 

सुकन्‍या समृद्धि योजना में खता बेटी के जन्‍म के बाद उसके नाम से खुलवाया जाता है और आप बच्ची के 10 वर्ष होने तक आप ये खता खुलवा सकते है
जबकि एलआईसी कन्‍यादान पॉलिसी में बेटी का एक साल का होना जरूरी है और इस योजना में पिता की उम्र 18 से 50 होनी चहिये ये योजना पिता के नाम पर खुलती है

2.दूसरा अंतर

नागरिकता के नियम

सुकन्‍या समृद्धि में कोई भी भारतीय अपनी बेटी के नाम से खता खुलवा सकता है जबकि एनआरआई को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता वही एलआईसी कन्‍यादान पालिसी में कोई भी निवेश कर सकता है।

3. निवेश की सीमा

सुकन्‍या समृद्धि में आप केवल 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते है जबकि . एलआईसी कन्‍यादान पॉलिसी में निवेश की ऊपरी सीमा नहीं है. यह आपकी इनकम पर निर्भर करता है

4. अकाउंट की मैच्‍योरिटी

सुकन्‍या समृद्धि योजना में एक बार खता खुल गया तो 21 साल पूरा होने पर अकाउंट मैच्‍योर होता है. जबकि कन्‍यादान पॉलिसी में यह 13 साल से 25 साल के बीच होता है यह आप अपनी सुविधा के अनुसार चुनाव कर सकते है

5.लोन की सुविधा

सुकन्‍या समृद्धि योजना में लोन की कोई सुविधा नहीं . जबकि कन्‍यादान पॉलिसी में अगर खाताधारक लगातार 3 साल तक प्रीमियम का भुगतान करता है और अकाउंट एक्टिव है तो लोन लिया जा सकता है.

6. डिपॉजिट की अवधि

सुकन्‍या समृद्धि के मामले में खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक डिपॉजिट करना पड़ता है. पहले यह अवधि 14 साल थी. दूसरी ओर एलआईसी कन्‍यादान पॉलिसी में 18 साल प्रीमियम का भुगतान करने की शर्त है.

7. मौत की स्थिति में नियम

सुकन्‍या समृद्धि स्‍कीम में बेटी यानी खाताधारक की मौत होने पर सामान्‍य ब्‍याज दर पर माता-पिता को जमा की गई रकम का भुगतान होता है. एलआईसी कन्‍यादान पॉलिसी यहाँ बीमा योजना है जिसमे पिता की मौत होने की स्थिति में प्रीमियम माफ कर दिया जाता है.साथ ही इन्स्टालमेन्ट में हर वर्ष दिया जाता है और लास्ट में मातुरित्य भी होती है